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माणूस

 माणूस




कधी न कळला | त्याचा मुखवटा ||

सदा दुखवटा | त्याच्या भाळी ||


करोनी भ्रमंती | पसरोनी झोळी ||

मिळवतो पोळी | पोटासाठी ||


सतत चालतो | सतत लढतो ||

कधी न थांबतो | जीवनात ||


क्षणात हसतो | क्षणात रडतो ||

पडतो उठतो | सावरूनी ||


माणूस जन्मतो | माणूस जगतो ||

पुरता झिजतो | सुखासाठी ||


 सुखाला भोगतो | दुःखाला झेलतो ||

नवसे मागतो | पुर्नजन्म ||


पौर्णिमा

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